प्रसारण विधेयक के जरिए से डिजिटल मीडिया पर ‘ताला लगाना चाहती’ है सरकार, प्रियंका गांधी का केंद्र पर आरोप
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी इस विधेयक को स्वतंत्र मीडिया के लिए खतरा बताया है। उन्होंने लोगों से सरकार के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक के माध्यम से डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और निजी हैसियत में लिखने-बोलने वालों की ‘जुबान पर ताला लगाना चाहती’ है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का यह प्रयास पूरी तरह अस्वीकार्य है।
प्रियंका गांधी ने महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के प्रेस की आजादी से जुड़े कथनों का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ये दो उदाहरण बताते हैं कि हमारे नागरिकों को अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता यूं ही नहीं मिली है। इसके लिए वर्षों तक लाखों लोगों ने लड़ाई लड़ी है।’’
उन्होंने कहा कि नागरिक स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की महान विरासत है तथा आजाद भारत के इतिहास में कभी कोई सरकार नागरिकों को मिली स्वतंत्रता को कुचलने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी।
प्रियंका गांधी का कहना है, ‘‘आज एक तरफ सत्ता के जोर से पूरे मीडिया को सरकारी भोंपू बना दिया गया है। दूसरी तरफ, बीजेपी सरकार प्रसारण विधेयक लाकर डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, ओटीटी मंचों और यहां तक कि निजी हैसियत में लिखने-बोलने वालों की जुबान पर ताला लगाने की तैयारी कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। देश ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी इस विधेयक को स्वतंत्र मीडिया के लिए खतरा बताया है। उन्होंने लोगों से सरकार के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। सोशल मीडिया पर भी इस कानून को लेकर चिंता जताई जा रही है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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