डॉलर के मुकाबले रुपये की खस्ता हालत जारी, फिर रिकॉर्ड स्तर को छुआ, 81.54 के निचले स्तर पर खुला
रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरने से कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी का आयात महंगा हो जाएगा, जिससे मुद्रास्फीति और बढ़ जाएगी। महंगाई पहले से ही 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की खस्ता हालत जारी है। बाजार खुलते ही रुपये ने रिकॉर्ड निचले स्तर को छुआ। डॉलर के मुकाबले 81.54 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया खुला। यानी शुरुआत में ही रुपये में 56 पैसे की कमजोरी देखी गई। रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरने से कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी का आयात महंगा हो जाएगा, जिससे मुद्रास्फीति और बढ़ जाएगी। महंगाई पहले से ही 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को बार-बार बढ़ाने से भारतीय रुपये पर बना दबाव व्यापार घाटा बढ़ने और विदेशी पूंजी की निकासी की वजह से और बढ़ने की आशंका है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) इस हफ्ते के अंत में द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेगी। ऐसे में मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने के लिए वह रेपो दर में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है।
रुपये की गिरावट का आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
रुपये की गिरावट का अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
कच्चा तेल महंगा मिलेगा, देश में बढ़ेगी महंगाई
विदेश में यात्रा से लेकर इलाज होगा महंगा
विदेश में पढ़ाई होगी महंगी
मोबाइल फोन महंगे हो सकते हैं
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