राजस्थान के अलवर में गौ-रक्षा के नाम पर पहलू खान की हत्या मामले में एक नया मोड़ आया है। राजस्थान पुलिस ने हत्या के 6 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।
इसी साल 1 अप्रैल को जयपुर के बाजार से गाय खरीदकर पहलू खान हरियाणा के नूहं लेकर जा रहे थे। पहलू खान के पास डेयरी कारोबार के लिए जानवरों की खरीदारी का जरूरी परमिट भी था। इसके बावजूद गौ-रक्षकों के एक समूह ने अलवर में उन्हें रोक लिया और उन पर गौ-हत्या का आरोप लगाकर उनकी बहुत बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
पहलू खान ने मरने से पहले अपने इकबालिया बयान में सुधीर यादव, हुकमचंद यादव, ओम यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी और जगमाल सिंह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनके साथ जब मारपीट की गई तो ये सभी लोग एक दूसरे का नाम ले रहे थे और अपने आप को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बता रहे थे। पुलिस ने इन सभी आरोपियों की सूचना देने वालों को 5-5 हजार रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की थी।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने 1 सितंबर को अपनी रिपोर्ट अलवर पुलिस को सौंपी। क्राइम ब्रांच का कहना था कि उन 6 लोगों को आरोपियों की सूची से हटा दिया जाए। इसके बाद अलवर पुलिस ने उन पर रखा ईनाम भी रद्द कर दिया।
क्राइम ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एक गौशाला के कर्मचारियों के बयान और आरोपियों के मोबाइल फोन रिकार्ड्स के आधार पर उसने अपनी रिपोर्ट बनाई है।
इस खबर के आते ही अलवर पुलिस पर आरोपियों का साथ देने के आरोप लगने शुरु हो गए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पूरी रिपोर्ट को अन्यायपूर्ण करार दिया है। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या किसी ने पहलू खान को नहीं मारा?
Published: 14 Sep 2017, 2:51 PM IST
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Published: 14 Sep 2017, 2:51 PM IST