कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया परेशान है। इस महामारी की चपेट में अभी तक करीब 7 करोड़ लोगों आ चुके हैं। वहीं 15.50 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस महामारी से छुटकारा पाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक प्रयासरत हैं। कई देशों में टीका बनाने का काम जारी है। कई वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है और ये लगभग अंतिम चरण में है। भारत में दवा कंपनी फाइजर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा कोविड-19 टीके के आपात उपयोग की मंजूरी मांगी गई है।
Published: 08 Dec 2020, 1:22 PM IST
हालांकि अभी तक केंद्र सरकार से इन वैक्सीन के इस्तमाल की मंजूरी नहीं मिली है। इनके आवदेन पर केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) बुधवार को विचार करेगा। आवेदनों का मूल्यांकन करने के बाद समिति केंद्रीय औषधि नियामक (डीसीजीआई) को अपनी सिफारिश देगी कि क्या किसी भी कोविड-19 टीके के आपात उपयोग के संबंध में मंजूरी दी जाए या नहीं?
Published: 08 Dec 2020, 1:22 PM IST
जनसत्ता की खबर के मुताबिक कोविड-19 टीके पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति ने टीकाकरण के लिए भी अपना खाका तैयार कर लिया है। इसमें फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्करों को पहले टीका लगाया जाएगा।
Published: 08 Dec 2020, 1:22 PM IST
सरकारी सूत्रों के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि टीकाकरण के लिए प्रत्येक केंद्र में तीन अलग-अलग कमरे होंगे। पहले कमरे में शख्स को इंतजार करना होगा और दूसरा कमरा वो होगा जहां टीका लगाया जाएगा। इसके बाद शख्स को ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जाएगा, जहां उसे 30 मिनट बैठना होगा क्योंकि इस अवधि के दौरान कुछ प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं होती हैं। सूत्रों ने बताया कि हर एक टीकारण में कम से कम तीस मिनट का समय लगेगा इसिलए 100-100 लोगों के बैच में टीकाकरण होगा।
Published: 08 Dec 2020, 1:22 PM IST
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Published: 08 Dec 2020, 1:22 PM IST